डॉ आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जनसुनवाई, स्वच्छता व योजनाओं की समीक्षा की
फर्रुखाबाद, 24 फरवरी 2026। जनपद में प्रशासनिक कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ आशुतोष कुमार द्विवेदी ने खिमसेपुर नगर पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय अभिलेखों के रख-रखाव, जन्म–मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था, निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति, स्वच्छता व्यवस्था तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले कार्यालय में अभिलेखों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी अभिलेख सुव्यवस्थित, अद्यतन और सुरक्षित रखें जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभिलेखों के रख-रखाव में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार हो। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र केवल संबंधित आवेदक को ही दिए जाएं तथा इसमें किसी प्रकार की अनियमितता न बरती जाए।
निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि जो भी निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। यदि किसी कार्य में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक होनी चाहिए तथा नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कूड़ा संग्रहण की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी वार्ड में गंदगी की शिकायत न आने पाए।
जिलाधिकारी ने कार्यालय में संचालित जनसुनवाई व्यवस्था का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से किया जाए। शिकायतों के समाधान में केवल औपचारिकता न बरती जाए, बल्कि वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवेंस रिड्रेसल सिस्टम) के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय निरीक्षण किया जाए और शिकायतकर्ता से सीधे संवाद कर समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने “स्पेशल क्लोज” प्रकरणों की पुनः समीक्षा करने को भी कहा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी भी शिकायत को बिना समुचित समाधान के बंद न किया गया हो।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से तैयार कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित करें।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को संतोषजनक पाया गया, किंतु उन्होंने इसे और बेहतर बनाने पर जोर दिया। साथ ही कार्यालय में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सचेत करते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सर्वोपरि है। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार खिमसेपुर नगर पंचायत कार्यालय के निरीक्षण के माध्यम से जिलाधिकारी ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए तथा स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
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