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सुल्तानपुर : टेट अनिवार्यता के विरुद्ध शिक्षकों ने खोला मोर्चा

 


विनोद कुमार पाण्डेय बने सेवानिवृत शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष

करौंदी कलां। प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य किए जाने के विरोध में शिक्षकों ने अब खुलकर मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में करौंदी कलां ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कटघरपूरे चौहान में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय सहित समस्त जिला पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया गया। उपस्थित शिक्षकों ने नारेबाजी के साथ टेट अनिवार्यता के विरोध में अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।

जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से पूर्व चयनित शिक्षकों पर टेट को अनिवार्य रूप से लागू करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह उन शिक्षकों के साथ अन्याय है, जिन्होंने पूर्व की चयन प्रक्रिया के अंतर्गत नियमों का पालन करते हुए नियुक्ति प्राप्त की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनाई गई है और इसे सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।

बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एवं सेवानिवृत शिक्षक विनोद कुमार पाण्डेय को सेवानिवृत शिक्षक संघ का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस घोषणा के साथ ही उपस्थित शिक्षकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनका स्वागत किया। विनोद कुमार पाण्डेय को नई जिम्मेदारी सौंपते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से संगठन को मजबूती मिलेगी।

अपने संबोधन में विनोद कुमार पाण्डेय ने कहा कि चाहे जो भी करना पड़े, टेट को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह सदैव शिक्षकों के साथ खड़े रहेंगे और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। उन्होंने शिक्षकों से धैर्य और एकजुटता बनाए रखने की अपील की।

जिलाध्यक्ष ने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे सड़क से लेकर दिल्ली और न्यायालय तक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का प्रश्न नहीं है, बल्कि शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। यदि आज हम एकजुट नहीं हुए, तो भविष्य में और भी कठिन निर्णय थोपे जा सकते हैं।

उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने भी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि आंदोलन में सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सभी शिक्षक संगठित होकर आवाज उठाएंगे तो सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि संगठन पूरी मजबूती के साथ टेट अनिवार्यता से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयासरत है।

जिला मंत्री एच. बी. सिंह, उपाध्यक्ष प्रशान्त पाण्डेय, विनोद यादव, ब्लॉक अध्यक्ष अखिलेश सिंह एवं मंत्री संजय यादव ने भी शिक्षकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम में न रहें और संगठन के निर्देशों का पालन करते हुए आंदोलन को सफल बनाएं। वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल वर्तमान शिक्षकों के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के लिए भी महत्वपूर्ण है।

बैठक के दौरान उपस्थित शिक्षकों में उत्साह और आक्रोश दोनों दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन भी करेंगे।

इस अवसर पर अशोक कुमार तिवारी, उमेश यादव, लालजी यादव, सुरेन्द्र प्रताप यादव, विजय उपाध्याय, रजनीश यादव, सुमन उपाध्याय, श्याम कली, प्रदीप नारायण झा, प्रेम चन्द्र पटेल, विनय तिवारी, अवधेश यादव, अरविन्द यादव, शिव, ब्लॉक मीडिया प्रभारी के. सी. मिश्र, प्रताप यादव, दुर्गेश दूबे, राजेन्द्र वर्मा सहित भारी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने एक स्वर में टेट अनिवार्यता के विरोध में आंदोलन को तेज करने का संकल्प लिया। स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश स्तर पर और अधिक गति पकड़ सकता है।

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