प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह आयोजित जनसुनवाई में ग्राम अंबरपुर के कुछ ग्रामीणों ने लिखित शिकायत प्रस्तुत की। शिकायत में बताया गया कि गाटा संख्या 112 एवं 110, जो राजस्व अभिलेखों में सरकारी चकमार्ग के रूप में दर्ज है, पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर फसल बो दी गई है। इस अतिक्रमण के कारण गांव के किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि चकमार्ग अवरुद्ध होने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आवागमन में अनावश्यक दूरी तय करनी पड़ रही है।
शिकायत मिलते ही एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं पूरे प्रकरण की निगरानी की, ताकि कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। प्रशासन की इस तत्परता से यह स्पष्ट हो गया कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है।
राजस्व टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। संबंधित अभिलेखों की जांच और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की गई। जांच में यह पुष्टि हुई कि गाटा संख्या 112 एवं 110 पर वास्तव में अवैध रूप से खेती की गई थी और सरकारी चकमार्ग पर अतिक्रमण कर उसे बाधित कर दिया गया था।
जांच रिपोर्ट मिलते ही एसडीएम के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासनिक टीम ने ट्रैक्टर की सहायता से जुताई कराकर चकमार्ग को कब्जामुक्त कराया। कुछ ही घंटों में मार्ग को पूरी तरह साफ कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों को पुनः निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सकी।
कार्रवाई के दौरान स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन के इस त्वरित और निष्पक्ष कदम की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से चकमार्ग पर कब्जे की समस्या बनी हुई थी, लेकिन इस बार शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होने से उन्हें राहत मिली है।
उप जिलाधिकारी श्रीमती जौहरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तहसील क्षेत्र में सरकारी भूमि, चकमार्ग अथवा किसी भी सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन की मंशा है कि आमजन को उनकी मूलभूत सुविधाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध हों। यदि किसी भी सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण की शिकायत मिलती है, तो प्रशासन उसी गंभीरता से कार्रवाई करेगा, जैसा कि इस प्रकरण में किया गया है।
एसडीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कहीं भी अवैध कब्जा हो तो वे तत्काल इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े मामलों में प्रशासन पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्य करेगा।
इस घटना से यह संदेश स्पष्ट रूप से गया है कि प्रशासन जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है और त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। चकमार्ग के कब्जामुक्त होने से न केवल ग्रामीणों की समस्या दूर हुई है, बल्कि अन्य लोगों को भी यह संदेश मिला है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करना अब आसान नहीं है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार की सक्रियता बनी रहेगी और जनहित के मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई होती रहेगी। प्रशासन की इस पहल को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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