शुगर, बीपी, थायराइड समेत कई बीमारियों की हुई जांच, विशेषज्ञ चिकित्सक ने दिया परामर्श
कादीपुर/अखंडनगर, सुलतानपुर।
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और लोगों को विभिन्न बीमारियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को बीबीगंज बाजार के समीप नंदनी नगर में एक विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस स्वास्थ्य शिविर में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया। शिविर में शुगर, ब्लड प्रेशर, थायराइड, कमजोरी, जोड़ों के दर्द, पेट संबंधी समस्याएं तथा अन्य सामान्य एवं गंभीर बीमारियों की नि:शुल्क जांच की गई। ग्रामीणों में शिविर को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला और सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लग गईं।
शिविर में टांडा मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस एवं एमडी विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. दीपिका वर्मा ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने एक-एक मरीज की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। डॉ. वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप और थायराइड जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इन बीमारियों का समय रहते पता चल जाए तो उचित इलाज और सावधानी से उन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और दैनिक व्यायाम स्वस्थ जीवन के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की। शिविर में आए कई मरीजों की जांच के दौरान शुगर और ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ पाया गया, जिन्हें समय पर इलाज शुरू करने की सलाह दी गई।
शिविर में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भारी भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि गांवों में विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंच आसान नहीं होती, ऐसे में इस प्रकार के नि:शुल्क शिविर उनके लिए बहुत लाभदायक साबित होते हैं। कई बुजुर्ग मरीजों ने भी शिविर की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पहली बार किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से गांव के पास ही परामर्श लेने का अवसर मिला है।
कार्यक्रम के आयोजक एवं ग्राम प्रधान पतार खास अमित कुमार पाण्डेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी एक बड़ी समस्या है। कई लोग आर्थिक अभाव या जागरूकता की कमी के कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते, जिससे छोटी बीमारियां भी गंभीर रूप ले लेती हैं। इसी सोच के साथ यह स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया ताकि जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क जांच और चिकित्सकीय सलाह मिल सके।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में भी क्षेत्रवासियों के हित में इस प्रकार के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। ग्राम प्रधान ने शिविर में सहयोग करने वाले सभी चिकित्सकों, सहयोगियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान मीरपुर अखंडनगर राजकुमार राजभर ने कहा कि ग्रामीण समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की अत्यंत आवश्यकता है। आज भी कई लोग छोटी बीमारियों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण बाद में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ समय पर उपचार उपलब्ध कराने में भी मददगार होते हैं।
शिक्षक सुधीर कुमार दुबे ने भी शिविर में सक्रिय भूमिका निभाई और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन से ही समाज का विकास संभव है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को जंक फूड से दूर रहने तथा पौष्टिक भोजन अपनाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने लोगों को स्वच्छता बनाए रखने, नियमित हाथ धोने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों की जांच के साथ-साथ उन्हें दवाइयों के सेवन, खानपान और जीवनशैली सुधारने संबंधी सुझाव भी दिए। लोगों को बताया गया कि नियमित रूप से सुबह टहलना, योग करना और तनाव से दूर रहना कई बीमारियों से बचाव में सहायक होता है। ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और घर-आसपास सफाई रखने के प्रति भी जागरूक किया गया।
शिविर में आए लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि गांवों में इस तरह के शिविर लगातार लगने चाहिए ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। कई ग्रामीणों ने आयोजकों से भविष्य में आंखों, दांतों और महिलाओं से संबंधित विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने की भी मांग की।
कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। मरीजों के पंजीकरण से लेकर जांच और परामर्श तक की व्यवस्था सुचारु रही। स्वयंसेवकों ने लोगों को लाइन में लगवाने और जांच केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग किया। पूरे शिविर के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनी रही।
ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित यह नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध हुआ, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन होते रहेंगे, जिससे ग्रामीण समाज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और लोग स्वस्थ जीवन जीने के प्रति प्रेरित हों।

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