ललितपुर। स्वच्छता, सामाजिक समरसता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाले Sant Gadge Maharaj की जयंती पर राष्ट्रीय रजक समाज भारत के तत्वाधान में नगर में भव्य शोभायात्रा और जनसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर संत गाडगे के आदर्शों को अपनाने का संकल्प दोहराया।
शोभायात्रा का शुभारंभ श्री तुवन मंदिर के सामने से हुआ, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क पर पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गई। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर संत गाडगे महाराज को नमन किया।
“समाज सुधार ही सच्ची साधना”
सभा को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने कहा कि संत गाडगे महाराज ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि सच्ची भक्ति समाज सेवा में है। उन्होंने गांव-गांव जाकर सफाई अभियान चलाया और अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।
उन्होंने कहा कि संत गाडगे ने गरीबों और जरूरतमंदों के लिए धर्मशालाएं, छात्रावास और विद्यालयों की स्थापना कर शिक्षा और सामाजिक उत्थान को बढ़ावा दिया। उनके भजन-कीर्तन और प्रवचन समाज में जागरूकता का माध्यम बने।
राज्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में भी संत गाडगे के विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं। यदि समाज को कुरीतियों से मुक्त करना है तो उनके पदचिह्नों पर चलना होगा।
महिलाओं और युवाओं को दिया प्रेरणा संदेश
राज्य महिला आयोग की सदस्य अर्चना पटेल ने कहा कि संत गाडगे महाराज ने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे प्रेरणादायक हैं। उन्होंने महिलाओं और युवाओं से अपील की कि वे सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
सपा जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि संत गाडगे का जीवन त्याग, संघर्ष और समाज सुधार का प्रतीक है। हमें उनके विचारों को व्यवहार में उतारकर सामाजिक समरसता को मजबूत करना चाहिए।
सर्वदलीय उपस्थिति से बढ़ी गरिमा
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल रजक नीलू, समाजवादी महिला सभा की प्रदेश सचिव गीता मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष ज्योति सिंह लोधी, जिला उपाध्यक्ष भजनलाल कुशवाहा, विनोद मिश्रा, ब्रजेश राजपूत, माधव पाठक सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राहुल रजक गोलू ने की, जबकि संचालन रामगुलाम श्रीवास ने किया।
सभा में वक्ताओं ने संत गाडगे महाराज के जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक जागरण की जो अलख जगाई थी, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है।
सामाजिक समरसता का संदेश
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने संत गाडगे महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
ललितपुर में आयोजित यह आयोजन केवल जयंती उत्सव नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता और एकजुटता का प्रतीक बनकर उभरा। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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