लंभुआ (सुल्तानपुर)। सामाजिक सरोकारों को जीवन का उद्देश्य मानने वाले सेवार्थम फाउंडेशन के संस्थापक Dr. Ashish Tiwari ने अपने जन्मदिन के अवसर को सेवा के संकल्प से जोड़ते हुए ‘सेवार्थम नेत्र सेवा रथ’ का विधिवत शुभारंभ किया। सादगीपूर्ण वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में समाजसेवी, चिकित्सकगण, स्वयंसेवक और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और नेत्र सेवा रथ के पूजन के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने इस पहल को समाज के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण का प्रेरक उदाहरण बताया।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगी निःशुल्क नेत्र सेवा
डॉ. आशीष तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना ही उनका उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि ‘सेवार्थम नेत्र सेवा रथ’ के माध्यम से लंभुआ क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में निःशुल्क नेत्र परीक्षण किया जाएगा।
इस सेवा रथ के जरिए मोतियाबिंद की प्रारंभिक पहचान, चश्मा वितरण, दृष्टि परीक्षण तथा आवश्यक परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। रथ में आधुनिक नेत्र जांच उपकरण लगाए गए हैं, जिससे गांव-गांव में ही प्राथमिक जांच संभव हो सकेगी।
अनुभवी चिकित्सकों की टीम देगी सेवाएं
संस्था के अनुसार इस मोबाइल सेवा इकाई के साथ अनुभवी नेत्र चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में जाकर शिविर लगाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग, जो संसाधनों के अभाव में शहरों तक इलाज के लिए नहीं पहुंच पाते, उन्हें इस पहल से सीधा लाभ मिलेगा।
डॉ. तिवारी ने कहा कि कई बार समय पर जांच न होने के कारण साधारण नेत्र समस्या भी गंभीर रूप ले लेती है। ऐसे में यह सेवा रथ ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।
जन्मदिन को बनाया सेवा का अवसर
अपने जन्मदिन के मौके पर डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि व्यक्तिगत उत्सव से अधिक खुशी समाजहित में कार्य करने से मिलती है। उन्होंने कहा कि केक काटने या भव्य समारोह के बजाय यदि किसी जरूरतमंद की सहायता की जाए, तो वही सच्चा उत्सव है।
उपस्थित लोगों ने उनके इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है और युवाओं को भी सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करती है।
नियमित शिविरों की योजना
संस्था के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि आने वाले समय में ‘सेवार्थम नेत्र सेवा रथ’ विभिन्न गांवों, कस्बों और शहरी झुग्गी बस्तियों में नियमित रूप से शिविर आयोजित करेगा। जरूरतमंद मरीजों की पहचान कर उन्हें आगे के उपचार के लिए भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने डॉ. तिवारी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके सेवा कार्यों की निरंतर सफलता की कामना की।
लंभुआ क्षेत्र में शुरू की गई यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि व्यक्तिगत अवसरों को समाज सेवा से जोड़कर व्यापक बदलाव की नींव रखी जा सकती है।
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