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रायबरेली : मानवता के महान उपासक व स्वच्छता के प्रणेता थे संत गाडगे-इ.वीरेंद्र


 रायबरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav के निर्देशानुसार मंगलवार को पार्टी कार्यालय सुपर मार्केट, रायबरेली में संत शिरोमणि Sant Gadge Maharaj की जयंती श्रद्धा और विचार विमर्श के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र यादव ने कहा कि संत गाडगे महाराज केवल एक संत नहीं, बल्कि समाज सुधार के अग्रदूत थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों और जातिगत भेदभाव के खिलाफ संघर्ष में समर्पित कर दिया। उनका मानना था कि स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक समानता से ही समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है।

स्वच्छता और जागरूकता का संदेश

वक्ताओं ने कहा कि संत गाडगे महाराज ने उस दौर में स्वच्छता अभियान चलाया, जब समाज में सफाई को लेकर जागरूकता बेहद सीमित थी। वे स्वयं एक हाथ में झाड़ू और दूसरे हाथ में मिट्टी का पात्र लेकर गांव-गांव घूमते थे। जहां भी गंदगी दिखती, बिना किसी औपचारिकता के सफाई शुरू कर देते थे। उनका संदेश स्पष्ट था—“पहले सफाई, फिर उपदेश।”

प्रदेश सचिव डॉ. शशिकांत शर्मा ने कहा कि गाडगे महाराज ने लोक शिक्षण को आंदोलन का रूप दिया। वे भजन संध्या और प्रवचनों के माध्यम से लोगों को शिक्षा, सदाचार और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाते थे। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि सामाजिक बदलाव केवल भाषणों से नहीं, बल्कि व्यवहार से आता है।

अंधविश्वास और पाखंड के विरुद्ध संघर्ष

वरिष्ठ नेता चौधरी सुरेश निर्मल ने अपने संबोधन में कहा कि संत गाडगे महाराज बचपन से ही समाज में फैले अंधविश्वास और पाखंड को देखकर व्यथित रहते थे। उन्होंने परिवारिक जीवन त्यागकर समाज सेवा को ही अपना धर्म बना लिया। वे जाति प्रथा, भेदभाव और शराबखोरी जैसी बुराइयों के कट्टर विरोधी थे।

वरिष्ठ नेता चौधरी अरविंद कुमार निर्मल ने बताया कि गाडगे महाराज का सामाजिक चिंतन व्यापक था। वे जीव हत्या और नशाखोरी के खिलाफ जनजागरण करते थे। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए लगातार कार्य किया।

समाजवादी विचारधारा से जुड़ाव

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि संत गाडगे महाराज के विचार सामाजिक न्याय और समानता पर आधारित थे, जो समाजवादी विचारधारा से मेल खाते हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

इस अवसर पर राम मनोहर दिवाकर, मो. अरशद खान, राजेश मौर्य, सुरजीत सिंह, शुभम लोहिया, रामखेलावन प्रजापति, राकेश यादव, पुत्तन सिंह, अरुण प्रताप यादव, शिवबरन लोधवारी, चंद्र प्रकाश आजाद, आलोक यादव, विश्वास द्विवेदी, शैलेंद्र प्रधान, रामसनेही यादव सहित अनेक वक्ताओं ने संत गाडगे महाराज के जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के अंत में आशुतोष यादव, बलराज राना, रेहान कज़ियाना, विनय यादव, मिथुन लोधी, जयचंद्र कुशवाहा, ब्रजेश यादव, देवतादीन सहित उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने संत गाडगे महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

सामाजिक चेतना का संदेश

विचार गोष्ठी में यह संदेश दिया गया कि संत गाडगे महाराज का जीवन आज भी प्रासंगिक है। समाज में स्वच्छता, शिक्षा और समानता को बढ़ावा देने के लिए उनके आदर्शों को अपनाना आवश्यक है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।

समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धांजलि का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक चेतना और जनजागरण का भी माध्यम बना।

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