फतेहपुर (उत्तर प्रदेश): जनपद के थाना हुसैनगंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मिर्जापुर तालुके जमराव में पैतृक भूमि और आवासीय परिसर में कथित रूप से सरकारी कर्मचारियों द्वारा पत्थर गाड़े जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गांव में स्थित उनकी पैतृक जमीन और मकानों के आसपास बिना स्पष्ट जानकारी दिए पत्थर लगाए गए हैं। जब ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से इस संबंध में पूछताछ की तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने यह भी कहा कि संबंधित लोगों को जमीन और घर खाली करना पड़ सकता है, जिससे गांव में चिंता और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, यदि किसी सरकारी योजना के तहत भूमि चिन्हांकन या सीमांकन की प्रक्रिया चल रही है, तो इसकी आधिकारिक सूचना और स्पष्ट विवरण ग्रामवासियों को दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि बिना पारदर्शिता के की जा रही कार्रवाई से लोगों में भय और भ्रम का माहौल बन रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिस योजना के तहत पत्थर गाड़े जा रहे हैं, उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए और राजस्व अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित भूमि पर लंबे समय से परिवारों का कब्जा और निवास है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की अधिग्रहण या विकास योजना प्रस्तावित है, तो नियमानुसार सूचना, मुआवजा और वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले की राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर त्रुटि या गलतफहमी है तो उसे दूर किया जाए।
इस दौरान गांव के अनेक लोग उपस्थित रहे और उन्होंने सामूहिक रूप से प्रशासन से पारदर्शी जांच की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी वैधानिक प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी और अपने अधिकारों की सुरक्षा चाहिए।
प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि शिकायत प्राप्त हुई है तो संबंधित विभाग से रिपोर्ट लेकर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र ही स्थिति स्पष्ट करेगा, जिससे गांव में व्याप्त असमंजस और चिंता समाप्त हो सके।
Post a Comment