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फतेहपुर : .....दोआबा में लाल सोना का खेल....



 अधिकारियों, लोकेटरों,खाकी के गठजोड़ पर शासन की नजर टेढ़ी, ए आर टी ओ पुष्पांजलि मित्रा हुई निलंबित, लेकिन खनिज अधिकारी देशराज पटेल बचे!?

♦️ ओवरलोडिंग के खेल में  खादी,खाकी,और नौकरशाह की जुगल बंदी!

♦️दोआबा का लाल सोना एवं मिट्टी खनन बना सभी की कमाई का जरिया!

♦️एस टी एफ की कार्यवाही से शासन की तंद्रा टूटी! 

♦️ लोकेटरो पर कार्यवाही से दो दिनों तक सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा!

♦️ संगोलीपुर मड़ैयन खदान में अवैध खनन पकड़ा गया और 7•65 लाख रुपये का लगा जुर्बाना, फिर भी अवैध खनन एवं ओवरलोडिंग जारी?!

♦️ खनिज अधिकारी देशराज का निलंबन न होना सरकार की जीरो टॉलरेंस पर बना है बड़ा सवाल !?

♦️दागी खनिज अधिकारी के संरक्षण में जिले में जारी है मोरंग और मिट्टी का अवैध खनन !

NTI TV फतेहपुर। ओवरलोड वाहनों से वसूली और अवैध परिवहन के बड़े रैकेट में नाम आने के बाद आखिरकार फतेहपुर की सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) पुष्पांजलि मित्रा को निलंबित कर दिया गया है। आरटीओ प्रयागराज हिमेश तिवारी द्वारा जारी कार्यालय आदेश में निलंबन की पुष्टि की गई है। फिलहाल एआरटीओ प्रवर्तन प्रयागराज राजीव कुमार को फतेहपुर एआरटीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

  गौरतलब है कि 12 नवंबर को एसटीएफ ने फतेहपुर और रायबरेली में छापेमारी कर एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा, पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी, खनिज अधिकारी देशराज पटेल समेत 10 से अधिक लोगों के खिलाफ ओवरलोड वाहनों से करोड़ों की अवैध वसूली के आरोप में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके बावजूद एआरटीओ पुष्पांजलि और खनिज अधिकारी देशराज अपनी कुर्सी पर संबंधित विभाग की कृपा से जमे थे।जिले के उच्च अधिकारियों ने भी दागियों पर कार्यवाही के लिए कोई ख़ास रुचि नहीं दिखाई थी। वहीं चर्चा यह भी थी कि हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे मिलने के बाद पुष्पांजलि मित्रा अपने पद पर वापस आ गई थी जिससे शासन को भारी किरकिरी झेलनी पड़ी। लगातार सवाल उठने लगे। अंततः शासन के निर्देश पर संबंधित विभाग को निलंबन की कार्यवाही करनी पड़ी। वहीं इसी मामले में पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी को सेवानिवृत्ति से दो दिन पहले, पूर्व में ही निलंबित कर दिया गया था, लेकिन वसूली सिंडिकेट के अन्य बड़े चेहरों पर कार्यवाही न होने से विभागीय संरक्षण के आरोप लगते रहे। खासतौर पर खनिज अधिकारी देशराज पटेल पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही न होने को लेकर अभी भी सवाल बने हुए हैं। प्रशासन ने अवैध खनन पर भी बड़ी कार्यवाही की है। कोर्रा कनक खदान (खंड-2) में यमुना की जलधारा में प्रतिबंधित मशीनों से खनन पर 5.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं संगोलीपुर मड़ैयन खदान में पट्टा क्षेत्र से बाहर 517.5 घनमीटर अवैध खनन पकड़े जाने पर करीब 7.65 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और पांच ओवरलोड ट्रक सीज किए गए। शासन के दबाव के बाद एआरटीओ का निलंबन भले ही हो गया हो, लेकिन खनिज अधिकारी देशराज पटेल पर कार्यवाही न होना अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है !?

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