साहिल गुप्ता रायबरेली, सलोन। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को सलोन कोतवाली परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी (एसडीएम) चंद्रप्रकाश गौतम ने की। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 12 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 2 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों को एक ही स्थान पर प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान करना है, ताकि उनकी समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे और उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
विभागवार प्राप्त शिकायतें
कार्यक्रम के दौरान प्राप्त 12 शिकायतों में विभिन्न विभागों से जुड़े मामले शामिल थे। इनमें राजस्व विभाग से 4, पुलिस विभाग से 2, विद्युत विभाग से 3, विकास विभाग से 1 तथा सिंचाई विभाग से 2 शिकायतें दर्ज की गईं। प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि शेष शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
मौके पर जिन दो शिकायतों का समाधान किया गया, वे प्राथमिक स्तर की थीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में उनका तत्काल निपटारा कर दिया गया। इससे उपस्थित नागरिकों में संतोष देखा गया।
एक सप्ताह में निस्तारण के निर्देश
एसडीएम चंद्रप्रकाश गौतम ने बताया कि शेष सभी शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और शिकायतकर्ताओं को समाधान की जानकारी समय पर दी जाए।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि जनता की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही पारदर्शी तरीके से किया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन का प्रयास है कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया सरल और प्रभावी बनाई जाए।
नागरिकों से सहभागिता की अपील
एसडीएम ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों के साथ संपूर्ण समाधान दिवस में अवश्य उपस्थित हों। यह मंच जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को सशक्त बनाना है, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि किसी मामले में अतिरिक्त जांच की आवश्यकता होगी, तो उसे निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाएगा।
अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी यादवेंद्र बहादुर पाल, थाना प्रभारी अनिल सिंह, विभिन्न ग्राम सभाओं के प्रधान, लेखपाल, हल्का बीट दरोगा सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित मामलों में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार नियमित रूप से समाधान दिवस का आयोजन होता रहेगा। इससे जनसुनवाई की प्रक्रिया को मजबूती मिलती है और लोगों का प्रशासन पर विश्वास बढ़ता है।
समाधान दिवस का महत्व
संपूर्ण समाधान दिवस शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहते हैं। इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो जाती है। यह व्यवस्था प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देती है और समयबद्ध समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की जनसुनवाई नियमित रूप से प्रभावी ढंग से आयोजित की जाए और शिकायतों का समयसीमा में निस्तारण हो, तो स्थानीय स्तर पर कई समस्याओं का समाधान तेजी से संभव है।
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