सुल्तानपुर NTI TV। कोतवाली नगर क्षेत्र से रहस्यमय ढंग से गायब हुई स्पलेंडर बाइक के मामले में आखिरकार पीड़ित परिवार को करीब छह महीने बाद न्याय मिला। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद कोर्ट के आदेश पर बाइक परिवार को सौंप दी गई।
10 जून 2025 को अमहट चौराहे के पास अयान हॉस्पिटल के सामने हुए दर्दनाक सड़क हादसे में हरखी दौलतपुर, बंधुआकलां निवासी धर्मेंद्र कुमार की रोडवेज बस की टक्कर से मौत हो गई थी। हादसे के बाद पुलिस ने बस और मृतक की स्पलेंडर बाइक को कब्जे में लेकर कोतवाली नगर भेज दिया था।
कुछ समय बाद जब मृतक का भाई मनोज गौतम बाइक लेने कोतवाली पहुंचा, तो उसे बार-बार टालमटोल कर लौटा दिया गया। बाइक की स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी। संदेह बढ़ने पर जब मामले की जांच और CCTV फुटेज खंगाले गए, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
फुटेज में एक सिपाही बाइक को थाने लाते हुए दिखाई दिया, जबकि 12 जून को एक होमगार्ड उसी बाइक को थाने से बाहर ले जाता नजर आया। इस गंभीर लापरवाही और संदिग्ध गतिविधि का मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने 25 जून 2025 को अमहट चौकी के उपनिरीक्षक संतोष पाल सिंह और सिपाही अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए राज्यसभा सांसद संजय सिंह और उनके कार्यकर्ता अनिल कोरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों ने लगातार अधिकारियों से पत्राचार किया, मामले को उच्च स्तर पर उठाया और पीड़ित परिवार को कानूनी लड़ाई में मजबूती से खड़ा रखा।
लंबी कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई के बाद आखिरकार 7 जनवरी 2026 को कोर्ट के आदेश पर स्पलेंडर बाइक (UP36V 8492) पीड़ित परिवार को सौंप दी गई। करीब छह महीने बाद बाइक मिलने से परिवार को कुछ राहत और संतोष जरूर मिला है।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि न्याय की राह भले ही लंबी हो, लेकिन सच्चाई और संघर्ष के आगे अन्याय टिक नहीं पाता।
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