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ललितपुर जखौरा: राज पाण्डेय पर खरीदी गई जमीन पर घर बनाकर कब्जे का इल्ज़ाम, स्थानीय विवाद तेज"

 


ललितपुर। जनपद के जखौरा क्षेत्र में भूमि विवाद का एक मामला सामने आया है, जिसमें स्थानीय निवासी राज पाण्डेय ने अपनी पैतृक संपत्ति पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत जिलाधिकारी से की है। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए राजस्व टीम को स्थलीय जांच के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज पाण्डेय वर्तमान में वाराणसी स्थित एक प्रतिष्ठित संस्कृत विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उनके पिता बालकिशन पाण्डेय के निधन के पश्चात पारिवारिक संपत्ति से जुड़ा विवाद सामने आया। राज पाण्डेय का कहना है कि वर्ष 2006 में उन्होंने घनश्याम कुशवाहा से विधिवत पंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर एक आवासीय प्लॉट खरीदा था। संबंधित प्लॉट जखौरा ग्राम पंचायत के बुडेरा रोड पर बीएसएनएल टावर के निकट स्थित बताया जा रहा है।

गांव से दूर रहने का उठाया गया कथित लाभ

शिकायत में कहा गया है कि लंबे समय से वाराणसी में निवास करने तथा माता-पिता के स्वर्गवास के कारण उनका गांव आना-जाना कम हो गया था। इसी दौरान ग्राम गुलेंदा के मजरा कसा निवासी एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से उक्त प्लॉट पर निर्माण कार्य करा लिया गया।

राज पाण्डेय का आरोप है कि जब उन्हें इसकी जानकारी हुई और उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई, तो संबंधित व्यक्ति ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया तथा धमकी दी। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अभी जांच जारी है और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

डीएम से जांच और कार्रवाई की मांग

राज पाण्डेय ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है तथा राजस्व विभाग की टीम को मौके पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद की बढ़ती प्रवृत्ति

यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते भूमि विवादों की ओर भी संकेत करता है। अक्सर देखा जाता है कि जब भूमि स्वामी लंबे समय तक गांव से बाहर रहते हैं, तो उनकी अनुपस्थिति में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। कागजी दस्तावेज होने के बावजूद कई बार स्थानीय स्तर पर कब्जे के आरोप सामने आते हैं, जिससे न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया लंबी हो जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जखौरा क्षेत्र में ऐसे विवाद समय-समय पर सामने आते रहते हैं। विशेषज्ञों का मत है कि भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, नियमित राजस्व निरीक्षण और स्पष्ट सीमांकन से ऐसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

संपत्ति सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस घटना के बाद क्षेत्र में संपत्ति सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राज पाण्डेय ने प्रशासन से अपील की है कि छात्रों और बाहर रहकर शिक्षा या रोजगार करने वाले लोगों की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निष्पक्ष जांच और न्याय की अपेक्षा जताई है।

फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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