ललितपुर के सूरीकलां गांव में घरेलू हिंसा से महिला को बचाने पहुंचे युवक पर आरोपी ने पत्थर से हमला कर सिर फोड़ दिया। पुलिस ने BNS की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सूरीकलां गांव में घरेलू विवाद ने लिया हिंसक रूप
ललितपुर, उत्तर प्रदेश। बानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सू
रीकलां में घरेलू हिंसा की एक घटना उस समय गंभीर हो गई जब एक युवक ने मानवता के नाते हस्तक्षेप किया। पत्नी के साथ मारपीट कर रहे व्यक्ति को रोकना युवक को भारी पड़ गया और आरोपी ने उस पर पत्थरों से हमला कर दिया।
घटना के बाद घायल युवक ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
मदद की पुकार और फिर हमला
पीड़ित सिद्धार्थ पुत्र मुलायम परिहार ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार (27 फरवरी) की रात करीब 8 बजे वह अपने खेत की ओर जा रहा था। रास्ते में गांव की एक महिला बदहवास हालत में मिली। महिला ने बताया कि उसका पति सतीश बरार उसे मार रहा है और बचाने की गुहार लगाई।
सिद्धार्थ ने जब मौके पर पहुंचकर महिला को बचाने का प्रयास किया, तो आरोपी सतीश ने गुस्से में आकर पत्नी को छोड़ दिया और सिद्धार्थ पर हमला कर दिया।
पत्थरों से किया वार, सिर फूटा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने पीछे से एक बड़ा पत्थर उठाकर सिद्धार्थ के सिर पर दे मारा, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसके बाएं हाथ पर भी दो पत्थर मारे गए, जिससे गंभीर चोटें आईं।
मौके पर मौजूद शिशुपाल यादव ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उनके साथ भी मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर वहां से फरार हो गया।
थाने पहुंचा घायल युवक
घटना के बाद घायल अवस्था में सिद्धार्थ बानपुर थाने पहुंचा और लिखित शिकायत दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए Uttar Pradesh Police ने आरोपी सतीश पुत्र जीवन बरार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(ए), 115(2), 351(3) और 352 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा की चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू हिंसा के मामले अक्सर सामने नहीं आ पाते। कई बार महिलाएं सामाजिक दबाव के कारण शिकायत नहीं करतीं। ऐसे में जब कोई तीसरा व्यक्ति हस्तक्षेप करता है, तो विवाद और बढ़ सकता है।
यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि घरेलू हिंसा केवल पारिवारिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक और कानूनी विषय भी है।
कानूनी पहलू क्या कहते हैं?
दर्ज धाराएं मुख्य रूप से निम्न अपराधों से संबंधित हैं:
-
जानबूझकर चोट पहुंचाना
-
हमला और मारपीट
-
आपराधिक धमकी
यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी को सजा और जुर्माना दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन से सख्ती की मांग
गांव में घटना के बाद लोगों में चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि घरेलू विवादों को हिंसा में बदलने से रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।
स्थानीय लोगों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी कर न्याय सुनिश्चित किया जाए।

Post a Comment