ललितपुर के गोराकछया गांव में रास्ते से गुजर रहे दंपत्ति के साथ मारपीट। बीच-बचाव में आए पिता को भी जान से मारने की धमकी। मड़ावरा पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
ललितपुर, उत्तर प्रदेश। मड़ावरा थाना क्षेत्र के ग्राम गोराकछया में रास्ते से गुजर रहे एक दंपत्ति के साथ कथित रूप से गांव के कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। विवाद के दौरान पीड़ित के पिता के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना कब और कहां हुई?
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तारीख: सोमवार, 2 मार्च 2026
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समय: दोपहर करीब 1 बजे
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स्थान: ग्राम गोराकछया, थाना मड़ावरा, जनपद ललितपुर
पीड़ित खुशीलाल पाल (पुत्र अच्छेलाल) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी पत्नी लाडकुंवर के साथ मोटरसाइकिल से मध्य प्रदेश के रामटोरिया जा रहे थे।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
जैसे ही दंपत्ति गांव में लम्पू के दरवाजे के सामने मुख्य मार्ग पर पहुंचे, वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि महेशपुरा वारी (पत्नी लम्पू), भरत और अनुरुद्ध (पुत्रगण लम्पू) ने बिना किसी स्पष्ट कारण के गाली-गलौज शुरू कर दी।
जब खुशीलाल ने विरोध किया, तो विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
मारपीट और धमकी
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने दंपत्ति के साथ मारपीट की, जिससे दोनों को शारीरिक चोटें आईं। शोर-शराबा सुनकर खुशीलाल के पिता अच्छेलाल मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने का प्रयास किया।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने उन्हें भी धमकाया और जान से मारने की चेतावनी देते हुए वहां से चले गए।
पुलिस की कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए Uttar Pradesh Police ने आरोपी महेशपुरा वारी, भरत और अनुरुद्ध के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 352, 351(2) और 351(3) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते छोटे विवाद
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में रास्ते, जमीन या आपसी रंजिश को लेकर छोटे-छोटे विवाद कई बार गंभीर झगड़ों में बदल जाते हैं। समय पर समझाइश और सामुदायिक हस्तक्षेप से ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।
कानूनी नजरिए से क्या हो सकती है सजा?
दर्ज धाराएं मुख्य रूप से मारपीट, हमला और आपराधिक धमकी से संबंधित हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपियों को न्यायालय से सजा और जुर्माना दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष
गोराकछया गांव में रास्ते से निकलने को लेकर हुआ यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब आगे की कार्रवाई विवेचना रिपोर्ट और साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

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