ललितपुर। विकास खंड जखौरा क्षेत्र के ग्राम राखपंचमपुर स्थित श्री श्री 1008 श्री सिद्ध बाबा मंदिर में रंगपंचमी के अवसर पर आयोजित विशाल धार्मिक मेले के अंतर्गत गुरुवार को भगवान के विमान की भव्य विदाई धूमधाम और श्रद्धा के साथ की गई। इस दौरान पूरे गांव में धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
रंगपंचमी के अवसर पर लगा विशाल मेला
ग्राम राखपंचमपुर में हर वर्ष रंगपंचमी के अवसर पर विशाल मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें आसपास के गांवों के हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और शोभायात्रा का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी मेले में भारी भीड़ उमड़ी और श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
जानकारी के अनुसार रंगपंचमी के दिन ग्राम राखपंचमपुर स्थित राम-जानकी मंदिर से भगवान का विमान भव्य शोभायात्रा के साथ सिद्ध बाबा मंदिर लाया गया था। इस दौरान गांव के प्रमुख मार्गों से होकर निकली शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए भगवान का स्वागत किया। तीन दिनों तक मंदिर परिसर में भगवान के विमान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही।
तीन दिनों तक उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर में सच्चे मन से प्रार्थना करने पर उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही कारण है कि हर वर्ष रंगपंचमी के अवसर पर यहां लगने वाले मेले में हजारों लोग शामिल होते हैं।
विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना
गुरुवार को भगवान के विमान की विदाई से पहले मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के पुजारी पंडित अशोक कुमार शर्मा ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा कराई। पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने विमान में विराजमान भगवान के दर्शन किए और माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। लोग श्रद्धा के साथ भगवान के दर्शन कर रहे थे और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना कर रहे थे।
ढोल-नगाड़ों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा
पूजा-अर्चना के बाद भगवान के विमान की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा का नेतृत्व राखपंचमपुर के लेखपाल संजीव कुमार मिश्रा ने किया। शोभायात्रा में ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे की धुन पर श्रद्धालु भक्ति गीत गाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरती इस शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भगवान का स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने फूल बरसाकर शोभायात्रा का अभिनंदन किया। पूरा गांव धार्मिक उत्साह से सराबोर दिखाई दे रहा था।
राम-जानकी मंदिर में पुनः विराजमान हुए भगवान
भव्य शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए अंत में राम-जानकी मंदिर पहुंची, जहां भगवान को पुनः विराजमान कराया गया। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने एक बार फिर भगवान के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा और आरती का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
चढ़ावे की गिनती में जुटे राजस्व कर्मी
मेले के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की गिनती राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा की जाती रही। इस कार्य को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया गया, ताकि मंदिर की व्यवस्थाओं और धार्मिक गतिविधियों के संचालन में इस धनराशि का उपयोग किया जा सके।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे श्रद्धालु
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से पंडित अशोक कुमार शर्मा, लेखपाल संजीव कुमार मिश्रा, ग्राम प्रधान राजपाल सिंह यादव, देवेन्द्र राय, विक्रम पंडा, वीरेन्द्र पंडा, जयराम सिंह राजपूत, रोहित सिंह ठाकुर, देवेन्द्र सिंह, अरुण कुमार और रामरतन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया और भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
धार्मिक परंपरा को बनाए रखने का प्रयास
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन गांव की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है।
ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष रंगपंचमी के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला क्षेत्र की एक प्रमुख धार्मिक परंपरा बन चुका है। इसमें न केवल स्थानीय लोग बल्कि दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु शामिल होते हैं।
निष्कर्ष
ग्राम राखपंचमपुर में आयोजित भगवान के विमान की भव्य शोभायात्रा और विदाई कार्यक्रम श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक परंपरा का प्रतीक बनकर सामने आया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति, उत्साह और सामाजिक एकता का अद्भुत माहौल देखने को मिला।
स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़कर रखते हैं।
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