
आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सुल्तानपुर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी सुल्तानपुर कुमार हर्ष और पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर चारू निगम ने भारी पुलिस बल के साथ शहर के व्यस्त इलाकों में पैदल मार्च किया। इस दौरान कोतवाली नगर क्षेत्र के मुख्य मार्गों, बाजारों और घण्टाघर चौराहे के आसपास विशेष गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।
त्योहारों के मद्देनजर बाजारों में बढ़ती भीड़ और संभावित संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क है। पैदल मार्च का उद्देश्य न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत रखना था, बल्कि आमजनमानस में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण स्थापित करना भी था। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं सड़कों पर उतरे और लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बाजारों में दिखी प्रशासनिक सक्रियता
घण्टाघर और आसपास के बाजारों में पैदल गश्त के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत की। त्योहारों के समय किसी भी प्रकार की अफवाह, अराजकता या असामाजिक गतिविधियों से बचने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि शांति और सौहार्द बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने व्यापारियों से कहा कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटी-सी सूचना भी बड़े खतरे को टाल सकती है। प्रशासन की मंशा है कि त्योहारों के दौरान हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे और बिना किसी भय के खरीदारी या धार्मिक आयोजनों में भाग ले सके।
नारी सुरक्षा पर विशेष जोर
इस पैदल मार्च का एक प्रमुख उद्देश्य नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने महिलाओं और बालिकाओं से संवाद करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने महिला हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया।
एसपी ने बताया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों और प्रमुख चौराहों पर महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई है। इसके साथ ही एंटी-रोमियो स्क्वॉड और मोबाइल पेट्रोलिंग यूनिट को भी सक्रिय रखा गया है, ताकि महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
पुलिस बल को दिए गए सख्त निर्देश
गश्त के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पिकेट और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सर्राफा बाजार, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों, वस्तुओं और वाहनों की सघन चेकिंग करने को कहा गया। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, ड्रोन कैमरे की सहायता तथा कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि हर चौराहे और प्रमुख मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे।
आमजन में दिखा विश्वास
पैदल मार्च के दौरान नागरिकों ने प्रशासनिक पहल का स्वागत किया। कई व्यापारियों ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों का स्वयं सड़कों पर उतरना सकारात्मक संदेश देता है। इससे लोगों में विश्वास बढ़ता है कि प्रशासन सतर्क और सक्रिय है।
स्थानीय नागरिकों का कहना था कि त्योहारों के समय इस तरह की पहल से असामाजिक तत्वों में भी डर बना रहता है। लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन की यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।
प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से अपील की कि सभी नागरिक त्योहारों को मिलजुलकर मनाएं, किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश साझा करने से बचें। उन्होंने कहा कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में आमजन का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाने वालों या कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन पूरी तरह सजग है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
अन्य अधिकारी भी रहे मौजूद
इस दौरान उपजिलाधिकारी सदर विपिन द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सावंत सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की जिम्मेदारियों का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।
कुल मिलाकर, सुल्तानपुर में आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रशासनिक तैयारी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। डीएम और एसपी का पैदल मार्च केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और जनता के बीच भरोसा कायम करने की एक गंभीर पहल है। प्रशासन का संदेश साफ है—त्योहार खुशियों और सौहार्द का प्रतीक हैं, और इन्हें शांति एवं सुरक्षा के साथ संपन्न कराना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
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