झांसी जनपद के मोठ कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा मोठ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भुजौंद के पास हुआ। थाना क्षेत्र के इमलिया गांव निवासी श्रद्धालु जालौन जनपद स्थित बैरागढ़ देवी माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर वापस अपने गांव लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि सभी लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर सामूहिक रूप से धार्मिक यात्रा पर गए थे। दर्शन कर लौटते समय अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हो गया।
ट्रॉली पलटते ही उसमें सवार महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग ट्रॉली के नीचे दब गए, जबकि कुछ दूर जा गिरे। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए घायलों को ट्रॉली के नीचे से निकालना शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई।
घायलों को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से मोठ ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया। चिकित्सकों ने जांच के बाद सगुना पाल नामक महिला को मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, कई अन्य घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों को सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम अवनीश तिवारी, तहसीलदार ज्ञानेन्द्र कुमार, सीओ अजय श्रोतिय और कोतवाल राजेश सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल भी जाना और डॉक्टरों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर धार्मिक आयोजनों या अन्य कार्यक्रमों में लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग आवागमन के लिए करते हैं, जो कई बार खतरनाक साबित होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली मुख्य रूप से कृषि कार्य के लिए होती है, न कि यात्रियों के परिवहन के लिए। ऐसे में जरा सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसा चालक की लापरवाही से हुआ या वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी। यदि लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक घटना के बाद इमलिया गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतका सगुना पाल के घर पर शोक संतप्त लोगों का तांता लगा हुआ है। परिजन बेसुध हैं और गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता की ओर इशारा करता है। यदि वाहन चालक सतर्कता बरतें और यात्री भी नियमों का पालन करें, तो ऐसे हादसों से बचा जा सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
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