अमृतसर।
सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक विवादित वीडियो के मामले में तलब किया है। यह कदम सिख मर्यादाओं और धार्मिक भावनाओं से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद उठाया गया है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में सामने आए एक वीडियो को लेकर सिख संगठनों और धार्मिक नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी। आरोप है कि उक्त वीडियो में ऐसे शब्दों और संदर्भों का प्रयोग किया गया, जिससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। मामला बढ़ने पर अकाल तख्त ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाने का फैसला लिया।
अकाल तख्त के जत्थेदार की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि सिख परंपराओं और मर्यादाओं का उल्लंघन किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा, चाहे वह व्यक्ति किसी भी पद पर क्यों न हो। मुख्यमंत्री से अपेक्षा की गई है कि वे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री पर धार्मिक मामलों को हल्के में लेने का आरोप लगाया है, वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक इस तलब पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
धार्मिक जानकारों का मानना है कि अकाल तख्त का यह फैसला यह संदेश देता है कि धार्मिक संस्थाएं राजनीतिक पद और शक्ति से ऊपर हैं और सिख मर्यादा के पालन में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अकाल तख्त के समक्ष क्या जवाब पेश करते हैं और इस मामले का आगे क्या परिणाम निकलता है।
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