गौरीगंज/अमेठी (उत्तर प्रदेश): अमेठी जिले के गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। भीड़ के दौरान ट्रेन में चढ़ते समय एक युवक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर लखनऊ रेफर किया गया। उपचार के दौरान किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में उसकी मृत्यु हो गई।
दिल्ली जा रहे थे मजदूरी करने
मृतक की पहचान कोतवाली गौरीगंज क्षेत्र के काजी पट्टी रामपुर कुड़वा निवासी सगीर अहमद के रूप में हुई है। परिजन बताते हैं कि सगीर अहमद नई दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। रविवार को वे गौरीगंज स्टेशन से पद्मावत एक्सप्रेस में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आते ही अचानक भीड़ बढ़ गई। धक्का-मुक्की के बीच संतुलन बिगड़ने से सगीर अहमद गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें उठाकर अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर
घटना के बाद उन्हें पहले जिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, हादसा अचानक हुआ और उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक की पत्नी जमीला बानो का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में कमाने वाले सदस्य के असमय निधन से घर की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सगीर अहमद मेहनतकश और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे।
घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने परिवार के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त की।
जनप्रतिनिधि ने जताई संवेदना
समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जैनुल हसन पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
स्थानीय प्रशासन द्वारा घटना की जानकारी लेकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा को लेकर सवाल
इस घटना के बाद रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों या व्यस्त समय में अतिरिक्त सुरक्षा और व्यवस्थित कतार प्रणाली की आवश्यकता होती है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर हुई यह घटना एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बन गई है। प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के लिए स्टेशन पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की बेहतर व्यवस्था की जाए।
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