अमेठी। जिलाधिकारी संजय चौहान ने आज महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर का स्थलीय निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों से व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए उपलब्ध आवास, भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा, परामर्श एवं विधिक सहायता की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा है, जहां उन्हें एक ही छत के नीचे त्वरित सहायता, संरक्षण एवं न्याय से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि यहां आने वाली प्रत्येक पीड़िता को संवेदनशीलता, सम्मान एवं पूर्ण गोपनीयता के साथ सहायता प्रदान की जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की, जिनका उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाना है। इस अवसर पर चाइल्ड हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि चाइल्ड हेल्पलाइन बच्चों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र है, जिसके माध्यम से संकटग्रस्त बच्चों को तत्काल सहायता, संरक्षण एवं पुनर्वास उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि महिलाओं और बच्चों दोनों को प्रभावी सहायता मिल सके। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी गौरीगंज प्रीति तिवारी, डिप्टी कलेक्टर/प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी सात्विक श्रीवास्तव, चाइल्ड हेल्पलाइन के कोऑर्डिनेटर गौरव श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी
Post a Comment