मेरठ | उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। एक ओर जहां कुछ दिन पहले कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था, वहीं अब सरधना तहसील के रधना क्षेत्र में पिछड़े वर्ग के एक युवक की बेरहमी से हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य हत्याकांड ने न सिर्फ स्थानीय लोगों में आक्रोश भर दिया है, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस सनसनीखेज मामले पर अब उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का तीखा बयान सामने आया है। उन्होंने इस घटना को “अत्यंत क्रूर, शर्मनाक और अमानवीय” करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
🔎 क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र के रधना गांव में पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखने वाले कश्यप समाज के एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने और सबूत मिटाने की नीयत से युवक के शव को जला दिया।
बताया जा रहा है कि युवक कुछ समय से लापता था। परिजनों ने जब उसकी तलाश शुरू की तो बाद में जले हुए शव के अवशेष बरामद हुए। शव की हालत इतनी भयावह थी कि पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल फैल गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं बल्कि सुनियोजित और नृशंस अपराध है, जिसमें आरोपी ने कानून का कोई डर नहीं दिखाया।
😡 इलाके में आक्रोश, लोगों ने उठाए सवाल
घटना के बाद से ही रधना और आसपास के इलाकों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म होता जा रहा है।
लोगों ने सवाल उठाया है कि—
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आखिर कब तक निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी?
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क्या पिछड़े और दलित समाज के लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता नहीं है?
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पुलिस की सक्रियता घटना के बाद ही क्यों दिखाई देती है?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
🗣️ मायावती का तीखा बयान
इस पूरे मामले पर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की।
मायावती ने अपने पोस्ट में लिखा—
“यूपी में मेरठ के सरधना क्षेत्र में ही पिछड़े वर्ग से कश्यप समाज के एक युवक को जलाकर मार देने की अति क्रूर व शर्मनाक घटना की जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है। ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिए शासन व प्रशासन दोनों स्तर पर अनवरत उचित सजगता व सक्रियता आवश्यक है। ऐसे असामाजिक और आपराधिक तत्वों को कानून का डर होना जरूरी है।”
मायावती के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
⚖️ कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
यह कोई पहली घटना नहीं है जब मेरठ में इस तरह की जघन्य वारदात सामने आई हो। कुछ ही दिन पहले कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या ने भी प्रदेश को शर्मसार किया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से यह सवाल उठने लगे हैं कि—
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क्या उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर पड़ रही है?
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क्या अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है?
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क्या पुलिस प्रशासन समय रहते कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहा है?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब अपराधी इतने निडर होकर हत्या के बाद शव तक जला देते हैं, तो यह सीधे तौर पर कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
🚓 पुलिस की कार्रवाई पर नजर
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोग पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि अगर पुलिस पहले से सक्रिय होती, तो शायद इस युवक की जान बचाई जा सकती थी।
🏛️ राजनीति गरमाई
इस हत्याकांड को लेकर अब राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। बहुजन समाज पार्टी के नेताओं का कहना है कि—
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दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं
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सरकार केवल आंकड़ों में अपराध कम दिखा रही है
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ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है
वहीं सत्ताधारी दल की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई बड़ा राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है।
👥 समाज पर असर
इस तरह की घटनाएं समाज में डर और असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। खासकर पिछड़े और कमजोर वर्ग के लोगों में यह भावना गहराती जा रही है कि उन्हें न्याय मिलना मुश्किल हो गया है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा, बल्कि—
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त्वरित न्याय
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सख्त सजा
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पुलिस सुधार
जैसे कदम उठाने होंगे।
🔴 निष्कर्ष
मेरठ में पिछड़े वर्ग के युवक की निर्मम हत्या ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मायावती का बयान इस बात का संकेत है कि मामला केवल एक हत्या तक सीमित नहीं, बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक चिंता का विषय बन चुका है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि—
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पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार करती है
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क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है
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और क्या सरकार इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाती है या नहीं
NTI TV के लिए रिपोर्ट
📍 मेरठ, उत्तर प्रदेश
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