⚡ ब्रेकिंग News

समाजसेवी दीपू के जन्मदिन पर सेवा दिवस: लंभुआ में 5100 कंबलों का ऐतिहासिक वितरण

 NTITV लंभुआ, सुल्तानपुर।

जब समाज में अधिकांश लोग जन्मदिन को केक, पार्टी और व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित रखते हैं, वहीं कुछ व्यक्तित्व ऐसे भी होते हैं जो अपने विशेष दिन को समाज के नाम समर्पित कर एक मिसाल कायम करते हैं। नगर पंचायत लंभुआ में ऐसा ही एक प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला, जब प्रसिद्ध समाजसेवी दीपू सिंह के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज युवराज के नेतृत्व में जरूरतमंदों के बीच 5100 कंबलों का वितरण किया गया।यह आयोजन केवल एक

कार्यक्रम नहीं था, बल्कि मानवता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश लेकर आया, जिसने पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर दिया।

ठंड से राहत देने का संकल्प

कड़ाके की ठंड में गरीब, असहाय, वृद्ध और बेसहारा लोगों की स्थिति सबसे अधिक दयनीय हो जाती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह विशाल कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह था कि कोई भी जरूरतमंद ठंड के कारण असहाय न रहे और हर व्यक्ति को न्यूनतम मानवीय सुरक्षा मिल सके।  कार्यक्रम में विशेष रूप से उन लोगों को प्राथमिकता दी गई, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जिनके पास ठंड से बचने के पर्याप्त साधन नहीं हैं और जो सड़क किनारे, झोपड़ियों या अस्थायी आवासों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

जन्मदिन नहीं, सेवा दिवस

समाजसेवी दीपू सिंह ने अपने जन्मदिन को निजी खुशी तक सीमित न रखते हुए समाज सेवा के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि जीवन का सबसे बड़ा उत्सव तब होता है, जब किसी जरूरतमंद के चेहरे पर आपकी वजह से मुस्कान आती है। उनकी इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उनके भतीजे और राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज युवराज ने इस सेवा कार्य को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संपन्न कराया। युवराज स्वयं टीम के साथ मैदान में उतरे और एक-एक जरूरतमंद तक कंबल पहुँचाने का प्रयास किया।

युवराज का प्रेरणादायी संदेश

कंबल वितरण के दौरान युवराज ने कहा कि खेल से मिली पहचान और सम्मान का वास्तविक उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों की मदद करना होना चाहिए। उन्होंने कहा:“ठंड के मौसम में एक कंबल किसी के लिए सिर्फ वस्त्र नहीं, बल्कि जीवन रक्षक साबित हो सकता है। अगर हमारी थोड़ी-सी कोशिश से किसी को राहत मिलती है, तो यही सबसे बड़ी उपलब्धि है।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खेल, शिक्षा और समाज सेवा – तीनों को जीवन का हिस्सा बनाएं। युवराज ने यह भी स्वीकार किया कि समाजसेवी दीपू सिंह से उन्हें हमेशा प्रेरणा मिली है, जिन्होंने सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाया।

दीपू सिंह का भावुक संबोधन

कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी दीपू सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की सच्ची सेवा वही है, जिसमें पीड़ित और जरूरतमंद के चेहरे पर संतोष और मुस्कान दिखाई दे।उन्होंने युवराज और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज का युवा अगर सकारात्मक सोच के साथ आगे आए, तो समाज में किसी भी समस्या का समाधान संभव है। उनका मानना है कि सेवा, शिक्षा और संस्कार – यही मजबूत समाज की नींव होते हैं।

जनप्रतिनिधियों और समाज का सहयोग

इस कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष अवनीश सिंह अंगद, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, खिलाड़ी, युवा स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की खुले दिल से सराहना की और इसे समाज के लिए अनुकरणीय बताया। पूरे आयोजन स्थल पर सेवा, सहयोग और मानवता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। हर व्यक्ति इस बात से भावुक दिखा कि कैसे एक जन्मदिन हजारों लोगों के लिए राहत और सुकून का कारण बन गया।

सफल आयोजन में सहयोगियों की भूमिका

कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज शर्मा द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को अनुशासित और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया। इस अवसर पर राजेश सिंह “अंकल”, पूर्व प्रमुख प्रमोद सिंह, देवी सिंह, कमलेश सिंह, चंद्रभान मिश्रा, अमर बहादुर सिंह सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी सहयोगियों ने एकजुट होकर यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज साथ आता है, तो बड़े से बड़ा सेवा कार्य भी सफल हो सकता है।

भविष्य के लिए संकल्प

आयोजन के अंत में आयोजकों ने यह संकल्प लिया कि आने वाले समय में भी इस तरह के सामाजिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिलती रहे। यह भी तय किया गया कि ठंड के अलावा अन्य आपदाओं और जरूरतों में भी समाज के कमजोर वर्गों के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया जाएगा।

मानवता का सशक्त संदेश

समाजसेवी दीपू के जन्मदिन पर आयोजित यह कंबल वितरण कार्यक्रम केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह मानवता, करुणा, सेवा और जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण बन गया। यह कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देता है कि सच्ची खुशी दूसरों की मदद में निहित होती है।लंभुआ का यह आयोजन निस्संदेह समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है और यह सिद्ध करता है कि यदि नीयत साफ हो और उद्देश्य सेवा का हो, तो एक दिन भी हजारों जिंदगियों में बदलाव ला सकता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...