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सांसद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला विद्युत समन्वय समिति की बैठक


 बहराइच।
जनपद में विद्युत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं उपभोक्ता हितैषी बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विद्युत समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद बहराइच डॉ. आनन्द कुमार गोंड ने की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में विद्युत विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में एम.एल.सी. पदमसेन चौधरी, विधायक महसी सुरेश्वर सिंह, विधायक नानपारा राम निवास वर्मा, विधायक सदर श्रीमती अनुपमा जायसवाल के प्रतिनिधि अशोक जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे। विभाग की ओर से अधीक्षण अभियंता विद्युत राम यश यादव ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से विभागीय योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

अधीक्षण अभियंता ने बैठक में बताया कि जनपद में आरडीएसएस (रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम), बिजनेस प्लान तथा एल.ओ.एच. सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य विद्युत आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाना, लाइन लॉस को कम करना, जर्जर विद्युत लाइनों का सुदृढ़ीकरण, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि तथा उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाना है।

सांसद डॉ. आनन्द कुमार गोंड ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार जनसामान्य की प्राथमिक आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएं। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाए जहां बार-बार फॉल्ट या ट्रिपिंग की समस्या सामने आती है।

बैठक के दौरान लाइन लॉस की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सांसद ने कहा कि लाइन लॉस में कमी लाने के लिए तकनीकी उपायों के साथ-साथ जनजागरूकता भी आवश्यक है। अवैध कनेक्शनों पर प्रभावी नियंत्रण, मीटरिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की कि राजस्व वसूली की स्थिति में सुधार के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाए।

जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित विद्युत समस्याओं को बैठक में रखा। जर्जर तारों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों के चलते ओवरलोडिंग, तथा शिकायतों के निस्तारण में देरी जैसी समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया गया। इस पर सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जर्जर लाइनों के सुदृढ़ीकरण और ट्रांसफार्मर प्रतिस्थापन के कार्य में तेजी लाई जाए।

सांसद डॉ. गोंड ने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही, हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल की जानकारी व्यापक स्तर पर प्रचारित की जाए।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि योजनाओं के कार्यान्वयन में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। कार्यों की समयबद्धता सुनिश्चित की जाए और जहां भी विलंब हो, वहां कारणों की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। सांसद ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

अधीक्षण अभियंता राम यश यादव ने आश्वस्त किया कि बैठक में प्राप्त दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं तथा तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और उपभोक्ता अनुकूल बनाने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है।

मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र ने भी विभागीय कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वय से ही योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन विद्युत विभाग को आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा, ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।

बैठक में अधिशासी अभियंता बहराइच प्रवेश कुमार, कैसरगंज के जगेश कुमार, नानपारा के अनुभव कुमार, अधिशासी अभियंता मीटर प्रवीण कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता भंडार खंड पी.सी. राम, अधिशासी अभियंता कार्यशाला सहित समस्त उपखण्ड अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी दी और समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया।

बैठक के अंत में सांसद डॉ. आनन्द कुमार गोंड ने कहा कि विद्युत व्यवस्था किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। कृषि, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों की प्रगति निर्बाध विद्युत आपूर्ति पर निर्भर करती है। इसलिए यह आवश्यक है कि सभी अधिकारी समर्पण भाव से कार्य करते हुए जनपद बहराइच को बेहतर विद्युत सेवाएं प्रदान करने की दिशा में निरंतर प्रयास करें।

इस प्रकार कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विद्युत समन्वय समिति की यह बैठक योजनाओं की समीक्षा और भविष्य की रणनीति तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। बैठक में लिए गए निर्णयों से उम्मीद की जा रही है कि जनपद में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी।

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