सुल्तानपुर। आमजन को उनके विधिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सुल्तानपुर के तत्वावधान में एक भव्य विधिक साक्षरता जागरूकता मेगा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए सैकड़ों नागरिकों ने भाग लिया और विभिन्न विभागों की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना रहा।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश सुनील कुमार चतुर्थ द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विधिक जागरूकता एक सशक्त समाज की नींव है। जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होते हैं, तभी न्याय व्यवस्था का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पाता है।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी ने उपस्थित जनसमूह को निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों को प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं।
लोक अदालत और त्वरित न्याय की जानकारी
शिविर के दौरान लोक अदालत की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया। सचिव मुक्ता त्यागी ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से सुलह-समझौते के आधार पर वादों का त्वरित और सरल निस्तारण किया जाता है। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो पाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य केवल न्यायालय तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर न्याय प्रणाली से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
विभिन्न विभागों के स्टॉल, मौके पर ही समाधान
मेगा शिविर में कई सरकारी विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान कार्ड, श्रम विभाग पंजीकरण, बाल संरक्षण सेवाएं, महिला हेल्पलाइन, राजस्व संबंधी समस्याएं तथा बैंकिंग योजनाओं की जानकारी दी गई।
कई पात्र लाभार्थियों के आवेदन पत्र मौके पर ही भरवाए गए और आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई। कुछ लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड भी प्रदान किए गए। इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन एवं विधवा पेंशन से संबंधित स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए, जिससे लाभार्थियों में खुशी का माहौल देखने को मिला।
सामाजिक मुद्दों पर भी दी गई जागरूकता
शिविर में केवल योजनाओं की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता फैलाने का भी प्रयास किया गया। बाल विवाह, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और नशा उन्मूलन जैसे गंभीर विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे संबंधित हेल्पलाइन नंबर या प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।
कार्यक्रम में शामिल नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को सीधे लाभ मिलता है। कई लोगों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं, जिनमें से अनेक मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।
भविष्य में भी होंगे ऐसे आयोजन
कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक निःशुल्क विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी प्रकार की विधिक समस्या होने पर प्राधिकरण से संपर्क करने में संकोच न करें।
सुल्तानपुर में आयोजित यह विधिक साक्षरता मेगा शिविर न केवल जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि अनेक जरूरतमंद लोगों को तत्काल राहत और मार्गदर्शन प्रदान करने का माध्यम भी बना।
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