तालाबी नंबरों पर हो रहा कब्जा, जिम्मेदार चुप्पी साधे देख रहे तमाशा
💥प्रधान की सहमति से तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा-राजकुंवर सिंह
श्रीराम अग्निहोत्री फतेहपुर। असोथर थाना क्षेत्र के रहने वाले राजकुंवर सिंह पुत्र रामसुमेर सिंह निवासी ग्राम सातों धरमपुर ने जिलाधिकारी को एक शिकायती प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि गांव के कुछ दबंग व्यक्ति प्रधान की सहमति से तालाब की गांटा संख्या 97ग में अवैध रूप से मकान बना रखा है। और ग्राम पंचायत में तालाबी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोप है कि प्रधान दिनेश कुमार यादव की मिली भगत से 97 ग तालाबी भूमि पर अवैध रूप से काबिजा कराया जाता है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भूमि गाटा संख्या 97ग तालाबी में दर्ज है, जो राजस्व अभिलेखों मे तालाब के रूप में अंकित है। *“चोर–चोर मौसेरे भाई”* *वाली कहावत को चरितार्थ नजर आ रहा है।*
ग्राम प्रधान सातोंपीत के द्वारा अवैध में बने मकानों के लिए तालाब पुराई कर रास्ते का निर्माण कराया जा रहा है।
इस पर अवैध कब्जाधारी का गांव में विरोध किया गया, इससे क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर कानून किसके लिए है और किसके लिए नहीं। खुली धमकी से बढ़ी चिंता सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि कब्जाधारी खुलेआम यह कहता फिर रहा है कि “कोई भी शासन –प्रशासन आ जाए, हम कब्जा नहीं छोड़ेंगे”, और खुद को बेहद ताकतवर बताकर प्रशासन को चुनौती दे रहा है। प्रशासन की भूमिका पर सवाल जब जनपद में सरकारी निर्देशों के तहत ग्राम पंचायतों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा रहा है, तब सातोंपीत ग्राम पंचायत में यह कब्जा अब तक कैसे बना हुआ है, यह सवाल आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या शासन–प्रशासन इस कथित अहंकार को तोड़ेगा या फिर सांठ–गांठ के चलते मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि सरकारी तालाबों भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के दावे धरातल पर कितने प्रभावी साबित होते हैं।
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