⚡ ब्रेकिंग News

अमेठी : जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों को मिला व्यापक प्रशिक्षण

 


अमेठी जनपद में आगामी जनगणना-2027 को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार, गौरीगंज में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक, जनगणना कार्यालय उत्तर प्रदेश एवं मंडल प्रभारी कपिल कुमार पांडे द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की और जनगणना प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत में मंडल प्रभारी ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना भर नहीं है, बल्कि यह देश की विकास नीतियों की आधारशिला है। जनगणना से प्राप्त आंकड़े शासन और प्रशासन को योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के समुचित वितरण, सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यक्रमों के निर्धारण तथा भविष्य की रणनीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करते हैं। इसलिए इसकी शुद्धता और विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 की प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न की जाएगी। प्रथम चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक संचालित होगा। इस चरण में जनपद के अंतर्गत आने वाले सभी भवनों, जनगणना मकानों तथा परिवारों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित रूप से सूचीबद्ध किया जाएगा। प्रत्येक भवन की स्थिति, उपयोगिता और संरचना का विवरण संकलित किया जाएगा। साथ ही आवास की स्थिति, छत की सामग्री, पेयजल के स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, रसोई व्यवस्था, बिजली कनेक्शन, संचार सुविधाएं, घरेलू संपत्तियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।

मंडल प्रभारी ने स्पष्ट किया कि इस चरण में तैयार की जाने वाली सूची आगामी दूसरे चरण की आधारशिला होगी। यदि भवन एवं परिवारों की सूची में त्रुटि रह जाती है, तो व्यक्तिगत गणना की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण सतर्कता, निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ करना होगा।

जनगणना का द्वितीय चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। इस चरण में जनपद के प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत गणना की जाएगी। आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, साक्षरता स्तर, शैक्षिक योग्यता, व्यवसाय, आर्थिक गतिविधियां, दिव्यांगता की स्थिति तथा अन्य आवश्यक सामाजिक-आर्थिक विवरण एकत्र किए जाएंगे। इन आंकड़ों के माध्यम से सरकार को यह समझने में सहायता मिलेगी कि समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताएं क्या हैं और किन क्षेत्रों में विशेष हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि 7 मई से 21 मई 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस सुविधा के अंतर्गत इच्छुक नागरिक स्वयं निर्धारित पोर्टल या माध्यम के जरिए अपना विवरण दर्ज कर सकेंगे। इससे न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि गणना कार्य में लगने वाले समय और संसाधनों की भी बचत होगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे जनसामान्य को स्व-गणना के प्रति जागरूक करें और अधिक से अधिक लोगों को इसमें भागीदारी के लिए प्रेरित करें।

मंडल प्रभारी ने प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का अधिकाधिक उपयोग किया जाएगा, जिससे आंकड़ों का संकलन और संधारण अधिक सटीक और त्वरित होगा। डिजिटल माध्यम से प्राप्त जानकारी का विश्लेषण कर उसे सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में कार्य विभाजन, पर्यवेक्षण प्रणाली एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। प्रत्येक स्तर पर पर्यवेक्षण की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही की संभावना न्यूनतम रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का मार्गदर्शन करें और समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित कर प्रगति की निगरानी करें।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जनगणना से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाएं भी प्रस्तुत कीं, जिनका समाधान मंडल प्रभारी द्वारा विस्तारपूर्वक किया गया। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में पारदर्शिता, गोपनीयता और विश्वसनीयता अत्यंत आवश्यक है। नागरिकों द्वारा प्रदान की गई व्यक्तिगत जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और उसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

इस अवसर पर समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, डीएसटीओ, डीपीआरओ, बीएसए, डीआईओ एनआईसी, अधिशासी अधिकारी तथा जनगणना कार्यालय की जिला प्रभारी सिवी गौतम सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे जनगणना-2027 को सफल बनाने के लिए पूर्ण समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे।

अंत में मंडल प्रभारी ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है, जिसमें प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि प्रत्येक व्यक्ति सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करता है, तो जनगणना के आंकड़े अधिक सटीक और उपयोगी बनेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे जनजागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करें और जनपद अमेठी में जनगणना-2027 को एक आदर्श रूप में संपन्न कराने का लक्ष्य निर्धारित करें।

इस प्रकार कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित यह प्रशिक्षण सत्र जनगणना-2027 की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आगामी जनगणना कार्य व्यवस्थित, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए सटीक एवं विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकें।

Post a Comment

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...