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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल बीएसए से मिला, लंबित समस्याओं पर हुई वार्ता

लंबित समस्याओं पर हुई विस्तृत वार्ता, स्पष्ट नीति निर्धारण की उठी मांग

 NTI TV सुलतानपुर | 19 जनवरी 2026 जनपद सुलतानपुर में परिषदीय विद्यालयों से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर आज राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सुलतानपुर से मिला। यह प्रतिनिधिमंडल संगठन के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह एवं जिला महामंत्री सतीश पांडेय के नेतृत्व में बीएसए कार्यालय पहुंचा, जहां शिक्षकों एवं विद्यालयों से संबंधित लंबित विषयों पर विस्तृत वार्ता की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य परिषदीय शिक्षकों एवं विद्यालय प्रशासन से जुड़ी उन समस्याओं को प्रमुखता से उठाना था, जिनका समाधान लंबे समय से लंबित है और जिनके कारण शिक्षण कार्य के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

प्रभारी प्रधानाध्यापक नियुक्ति को लेकर उत्पन्न स्थिति पर चर्चा

प्रतिनिधिमंडल ने दिनांक 16 जनवरी 2026 को निर्गत उस पत्र के संदर्भ में विशेष रूप से वार्ता की, जिसमें जूनियर हाई स्कूल एवं कंपोजिट विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति हेतु स्वैच्छा एवं सहमति मांगी गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस पत्र के जारी होने के बाद जनपद के विभिन्न विद्यालयों में भ्रम और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

महासंघ का कहना है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक की नियुक्ति जैसे संवेदनशील विषय पर बिना स्पष्ट दिशा-निर्देश एवं नीति के निर्णय लिए जाने से विद्यालयों में कार्य विभाजन, उत्तरदायित्व और प्रशासनिक संतुलन प्रभावित होता है। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में यह मांग रखी कि जनपद स्तर पर एक स्पष्ट, पारदर्शी एवं सर्वमान्य नीति बनाई जाए, ताकि किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो और सभी विद्यालयों में समान व्यवस्था लागू हो सके।

एफएलएन (FLN) भुगतान को लेकर उठी गंभीर चिंताएं

वार्ता के दौरान एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) के अंतर्गत शिक्षकों को किए जाने वाले भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि कई विद्यालयों में एफएलएन से संबंधित भुगतान या तो पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं हुआ है या फिर भुगतान की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि एफएलएन भुगतान से संबंधित सभी विवरण विद्यालयों को लिखित रूप में उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति न रहे। साथ ही जिन शिक्षकों को अब तक भुगतान नहीं मिला है, उनके भुगतान को शीघ्र सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

पीएफएमएस पोर्टल से भेजी गई धनराशि का पूरा विवरण उपलब्ध कराने की मांग

बैठक में पीएफएमएस (PFMS) पोर्टल से विद्यालयों को भेजी गई धनराशि का मुद्दा भी उठाया गया। महासंघ के अनुसार कई विद्यालयों को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि किस मद में कितनी धनराशि भेजी गई है और उसका उपयोग किस प्रकार किया जाना है।

प्रतिनिधिमंडल ने बीएसए से यह आग्रह किया कि पीएफएमएस के माध्यम से प्रेषित समस्त धनराशि का पूर्ण एवं स्पष्ट विवरण विद्यालयों को उपलब्ध कराया जाए, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे और विद्यालयों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

02 जनवरी 2026 के पत्र में उल्लिखित लंबित विषयों पर पुनः चर्चा

संगठन ने दिनांक 02 जनवरी 2026 को पूर्व में दिए गए पत्र में उल्लिखित लंबित समस्याओं पर भी ध्यान आकृष्ट कराया। महासंघ का कहना है कि उक्त पत्र में कई महत्वपूर्ण विषयों का उल्लेख किया गया था, किंतु अब तक उन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी है।

इन लंबित विषयों में प्रमुख रूप से निम्न समस्याएं शामिल हैं—

दिव्यांग भत्ता

कई पात्र शिक्षकों को अब तक दिव्यांग भत्ते का लाभ नहीं मिल पाया है। प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निस्तारण की मांग की।

त्रुटिरहित वरीयता सूची

वरीयता सूची में त्रुटियों के कारण शिक्षकों को स्थानांतरण, पदस्थापन एवं अन्य प्रशासनिक मामलों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने त्रुटिरहित वरीयता सूची के शीघ्र प्रकाशन की मांग रखी।

अवकाश के दिनों में कराए गए कार्य का प्रतिकर

शिक्षकों से अवकाश के दिनों में कराए गए विभिन्न शासकीय एवं विभागीय कार्यों के प्रतिकर स्वरूप अवकाश अथवा अन्य सुविधाएं अब तक प्रदान नहीं की गई हैं। इस विषय पर भी तत्काल निर्णय लेने की आवश्यकता जताई गई।

प्रोन्नत वेतनमान

कई शिक्षक प्रोन्नति के उपरांत भी प्रोन्नत वेतनमान से वंचित हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इस समस्या को लंबे समय से लंबित बताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।

वित्त एवं लेखाधिकारी से दूरभाष पर वार्ता

बैठक के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) से दूरभाष पर भी वार्ता की। इस बातचीत में पूर्व में दिए गए पत्र के क्रम में लंबित समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई तथा संबंधित पत्र को रिसीव कराए जाने की प्रक्रिया भी पूर्ण कराई गई।

महासंघ का कहना है कि वित्तीय मामलों से जुड़ी समस्याओं के समाधान में विलंब होने से विद्यालयों का दैनिक संचालन प्रभावित हो रहा है, जिसे शीघ्र दूर किया जाना आवश्यक है।

संगठन की एकजुटता का प्रदर्शन

इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से सत्येन्द्र मिश्र, निशांत सिंह, जयंत यादव, यादवेन्द्र सिंह, अजीत सिंह सहित अन्य संगठन पदाधिकारी शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में शिक्षकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पहल

महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है। यदि शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए तो निश्चित रूप से विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के मध्य हुई यह वार्ता जनपद के शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संगठन को आशा है कि उठाए गए मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी और परिषदीय विद्यालयों में व्याप्त समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा।

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