बहराइच । विकास खण्ड मिहींपुरवा के ग्राम खड़िया निवासी कृषक अवधेश पुत्र राम लाल व विकास खण्ड जरवल के ग्राम तप्पेसिपाह निवासी कृषक जगन्नाथ पुत्र विलाश ने बताया कि मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना (उथले नलकूप) अन्तर्गत वर्ष 2025-26 में 18 मीटर गहरे नलकूप की स्थापना से उनकी कृषि आधारित आय में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। कृषकों द्वारा बताया गया कि नलकूप की लागत रू. 21,800=00 के सापेक्ष उन्हें लघु सिंचाई विभाग से रू. 15,400=00 का अनुदान प्राप्त हुआ है।
कृषकों द्वारा अपना अनुभव साझा करते हुए जानकारी दी गई कि उथले नलकूप नही होने से वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता था। जिससे उनके द्वारा मात्र दो फसलें धान एवं गेंहॅू ही उगा पाते थे। इन दो फसलों में भी वर्षा की कमी के कारण उत्पादन कम प्राप्त होता था। उथले नलकूप के निर्माण से हर समय सिंचाई हेतु जल उपलब्ध रहता है। स्वयं के पास डीजल पम्पसेट होने से बोरिंग पर लगा कर आवश्यकतानुसार सिंचाई का विकल्प उपलब्ध हो गया है। अब हमें सिंचाई हेतु वर्षा पर निर्भर नही रहना पड़ता है।
कृषकों ने बताया कि मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत उथले नलकूप सिापित होने से अब वह दो फसलों के बजाय तीन-तीन फसलों का उत्पादन कर रहे है। जिसमें मुख्यतः धान, गेहूं, गन्ना एवं चरी भी उगाते है। खेत के कुछ भागों में सब्जियां उगाकर भी अतिरिक्त आय प्राप्त की जा रही है। किसानों ने बताया कि सुनिश्चित सिंचाई सुविधा प्राप्त होने से उन्हें फसलों के उत्पादन में दो गुना से अधिक वृद्धि होने से उनकी कृषि आय में भी गुणात्मक वृद्धि हुई है। जिससे उनके जीवन में खुशहाली आयी है।
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