लंभुआ, सुलतानपुर।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। शासन के निर्देशों के अनुपालन में ठंड से बचाव हेतु संचालित राहत व्यवस्थाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से उपजिलाधिकारी/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गामिनी सिंगला एवं नायब तहसीलदार अभयराज पाल द्वारा लंभुआ नगर पंचायत क्षेत्र में जलाए जा रहे अलावों एवं रैन बसेरों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ठंड के कारण किसी भी जरूरतमंद, गरीब, बेसहारा अथवा राहगीर को किसी प्रकार की परेशानी न हो और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से संचालित हो रही हों।
सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था का जायजा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नगर पंचायत क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, चौराहों एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जलाए जा रहे अलावों की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान अलाव के लिए प्रयुक्त लकड़ी की उपलब्धता, अलाव जलने की निरंतरता तथा वहां मौजूद लोगों को मिल रही राहत की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने पाया कि कई स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं, जिससे ठंड से लोगों को राहत मिल रही है। हालांकि कुछ स्थानों पर लकड़ी की मात्रा को बढ़ाने एवं अलाव को नियमित रूप से जलाए रखने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अलाव की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर पंचायत द्वारा संचालित रैन बसेरे का निरीक्षण
इसके पश्चात अधिकारियों द्वारा नगर पंचायत के अंतर्गत संचालित रैन बसेरे का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रैन बसेरे में ठहरे हुए जरूरतमंद लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली गई।
अधिकारियों ने रैन बसेरे में उपलब्ध बिस्तर, कंबल, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा शौचालय की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि रैन बसेरे में आने वाले हर जरूरतमंद को बिना किसी भेदभाव के प्रवेश एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हों।
साफ-सफाई को लेकर कड़े निर्देश
रैन बसेरे में साफ-सफाई की स्थिति को लेकर उपजिलाधिकारी गामिनी सिंगला ने केयरटेकर को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिसर में नियमित रूप से सफाई की जाए, कूड़ा-कचरा न जमा होने दिया जाए तथा ठहरने वाले लोगों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ठहरने वाले लोगों को समय से कंबल, पीने का साफ पानी एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी गामिनी सिंगला ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार ठंड से बचाव के लिए की गई सभी व्यवस्थाओं को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि अलाव एवं रैन बसेरे जैसी राहत व्यवस्थाएं केवल औपचारिकता न हों, बल्कि वास्तव में जरूरतमंदों को इसका लाभ मिले, यह प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर अलाव की स्थिति की निगरानी की जाए तथा किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए।
शीतकाल में लगातार जारी रहेंगे निरीक्षण
प्रशासन की ओर से बताया गया कि शीतकाल के दौरान इस प्रकार के निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे। इसका उद्देश्य यह है कि ठंड के कारण कोई भी गरीब, असहाय या बेसहारा व्यक्ति परेशान न हो और उन्हें समय रहते प्रशासनिक सहायता मिल सके।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अलाव या रैन बसेरे की व्यवस्था में कमी दिखाई दे या किसी जरूरतमंद को सहायता की आवश्यकता हो, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों या नगर पंचायत को दें।
आमजन में दिखी राहत
प्रशासनिक निरीक्षण और सक्रियता से स्थानीय लोगों में संतोष और राहत देखी गई। रैन बसेरे में ठहरे जरूरतमंदों ने प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि ठंड के इस मौसम में अलाव और रैन बसेरा उनके लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।
निष्कर्ष:
लंभुआ क्षेत्र में ठंड और शीतलहर के बीच प्रशासन द्वारा की जा रही यह सक्रिय पहल निश्चित रूप से सराहनीय है। यदि इसी प्रकार नियमित निगरानी और व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन होता रहा, तो शीतकाल में किसी भी जरूरतमंद को ठंड से जूझना नहीं पड़ेगा।
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